Mantras for Bhagwan MangalChant these mantras for Bhagwan Mangal to enhance planetary strength and positivity. Ideal during Mangal's influence, these verses offer spiritual focus.
🕉
ज्योतिष में सभी नौ ग्रहों का अपना विशेष महत्व है। प्रत्येक ग्रह अपनी दशा/उप दशा के दौरान फल देने की क्षमता रखता है। यदि कोई ग्रह शुभ हो लेकिन पीड़ित हो, तो उसे कई तरीकों से मजबूत किया जा सकता है। यहां तक कि यदि वह कुंडली में किसी अशुभ भाव का स्वामी हो, तब भी उसका उपाय किया जा सकता है। किसी ग्रह की शुभता या शक्ति को बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं।सबसे आसान, सरल और किफायती उपाय मंत्रों का जाप करना है। इसमें आपका थोड़ा सा समय लगता है और इसके बहुत ही सकारात्मक और शुभ परिणाम मिलते हैं। मंगल की दशा के दौरान, आप निम्नलिखित में से किसी भी मंत्र का जाप कर सकते हैं। आप अपनी सुविधानुसार कोई भी मंत्र चुन सकते हैं। मंगल के लिए मंत्र का जाप रात में करना सबसे अच्छा होता है। किसी भी मंत्र का एक चक्र जाप करें। एक चक्र का अर्थ है मंत्र का 108 बार जाप करना।
मंगल के लिए वैदिक मंत्र:
ऊँ अग्निमूर्धादिव: ककुत्पति: पृथिव्यअयम। अपा रेता सिजिन्नवति ।
मंगल के लिए तांत्रोक्त मंत्र
ऊँ हां हंस: खं ख: ऊँ हूं श्रीं मंगलाय नम: ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:
मंगल का नाम मंत्र
ऊँ अं अंगारकाय नम: ऊँ भौं भौमाय नम:
Bhaktibharat Mantra
मंगल का पौराणिक मंत्र
ऊँ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम ।
कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम ॥
मंगल गायत्री मंत्र
ऊँ क्षिति पुत्राय विदमहे लोहितांगाय धीमहि-तन्नो भौम: प्रचोदयात