दीपावली

दीपावली

दीपों का पर्व। अमावस्या की रात गणेश और माँ लक्ष्मी की पूजा कर घर में सुख-समृद्धि का आवाहन किया जाता है।अगली तिथि: रविवार, 8 नवंबर 2026

लक्ष्मी पूजा

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श्री गणेश

Shri Ganesh Aartiगणेश उत्सव मे सर्वमान्य श्री गणेश आरती का अपना अलग ही महत्व है:जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
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लक्ष्मीजी

Laxmi Mata Aartiभगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन मुख्यतया अधिक करते हैं, जिसके अंतरगत भक्त माँ लक्ष्मी की आरती करने है।महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
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दीपावली पूजा मंत्र

Deepawali Puja Mantras1. गोवत्स द्वादशी मंत्र अर्घ्य मंत्र क्षीरोदार्नवसंभूते सुरासुरनमस्कृते। सर्वदेवमये मातर्गृहाण्घ्यं नमो नमः॥ निवेदन मंत्र गोवत्स द्वादशी निवेदन मंत्र सुरभि त्वं जगन्मातरदेवी विष्णुपदे स्थिता। सर्वदेवमये ग्रसं मया दत्तमिदं ग्रसा॥ प्रार्थना मंत्र सर्वदेवमये देवि सर्वदेवैरलंकृते। मातरमाभिलाषितं सफलं कुरु नंदिनी॥ मन्त्र अर्थ - हे समस्त देवताओं द्वारा अलङ्कृत माता! नन्दिनी! मेरा मनोरथ पुर्ण करो। 2.
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श्री महालक्ष्मी चालीसा

Shri Mahalakshmi ChalisaSeated on a white lotus in white robes and pearls, Mahalakshmi is addressed as Adi Shakti in a chalisa that calls her sustainer of the whole world.
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श्री महालक्ष्मी अष्टक

Shri Mahalakshmi Ashtakamश्री महालक्ष्म्यष्टकम् इंद्र देव द्वारा माता महालक्ष्मी की भक्तिपूर्ण स्तुति है, जिसे पद्म पुराण मे समायोजित किया गया है।श्री शुभ ॥ श्री लाभ ॥ श्री गणेशाय नमः॥ नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥१॥
श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम् thumbnail

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

Sri Lakshmi Suktam - Om Hiranya VarnamGolden-hued and garlanded in silver, Lakshmi is invoked through Agni in this Vedic suktam that pictures her on a lotus amid trumpeting elephants.
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दीप प्रज्वलन मंत्र: शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम्

Deep Prajwalan Mantra: Shubham Karoti Kalyanam AarogyamThe Deep Prajwalan Mantra, recited during lamp lighting, praises the light that brings auspiciousness, wellness, and prosperity, while dispelling negativity.

अन्य पूजा

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श्री कुबेर

Shri Kuber Aartiभारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली का शुभ आरंभ धनतेरस से होता है, धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर एवं श्री गणेश की पूजा-आरती प्रमुखता से की जाती है।ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली

Saraswati Om Jai Veene WaliOm Jai Veene Wali greets Saraswati as the keeper of riddhi and siddhi, an aarti that asks the swan-borne goddess for a glimpse of her and nothing more.
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श्री चित्रगुप्त

Shri Chitragupt Aartiभगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती
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आरती: माँ महाकाली

Maa Maha KaliSlayer of Raktabija, Madhu and Kaitabha, wrecker of Daksha's sacrifice - Maha Kali is praised in this aarti as Himalaya's daughter and mother of the world.
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ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hareदुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन् १८७० में लिखी गई थी। यह आरती मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित है फिर भी इस आरती को किसी भी पूजा, उत्सव पर गाया / सुनाया जाता हैं। कुछ भक्तों का मानना है कि इस आरती का मनन करने से सभी देवी-देवताओं की आरती का पुण्य मिल जाता है।