धनतेरस

धनतेरस

दीपावली का पहला दिन, जब माँ लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की पूजा की जाती है।अगली तिथि: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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लक्ष्मीजी

Laxmi Mata Aartiभगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन मुख्यतया अधिक करते हैं, जिसके अंतरगत भक्त माँ लक्ष्मी की आरती करने है।महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
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श्री कुबेर

Shri Kuber Aartiभारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली का शुभ आरंभ धनतेरस से होता है, धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर एवं श्री गणेश की पूजा-आरती प्रमुखता से की जाती है।ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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कुबेर चालीसा

Kuber ChalisaKuber Chalisa praises Lord Kuber, guardian of wealth and treasurer of the gods. It describes his unwavering presence at heaven's gate and his mighty army.
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धनदालक्ष्मी स्तोत्रम्

Dhanadalakshmi StotramDhanadalakshmi Stotram is a mantra dedicated to Goddess Lakshmi, recited by devotees seeking divine grace. It praises her compassion and benevolence.
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श्री कुबेर 108 नाम

Shri Kuber 108 NamesYakshesha, friend of Shankara, keeper of the padma and shankha treasures: this namavali salutes Kuber through 108 names, each one closing with a namah.
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ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hareदुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन् १८७० में लिखी गई थी। यह आरती मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित है फिर भी इस आरती को किसी भी पूजा, उत्सव पर गाया / सुनाया जाता हैं। कुछ भक्तों का मानना है कि इस आरती का मनन करने से सभी देवी-देवताओं की आरती का पुण्य मिल जाता है।