माय आरती

सभी आरतियाँ

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श्री बृहस्पति देव की

Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aartiहिन्दू धर्म में बृहस्पति देव को सभी देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरुवार के व्रत में बृहस्पति देव की आरती करने का विधान माना जाता है, अतः श्री बृहस्पति देव की आरती निम्न लिखित है।
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आरती देवी ब्रह्मचारिणी जी की

Aarti Devi Brahmacharini Ji Ki
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अहोई माता

Ahoi Mata Aarti
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बगलामुखी माता

Bagalamukhi Mata Aarti
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श्री चामुण्डा माता -

Shri Chamunda Mata
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जय अम्बे गौरी -

Jai Ambe Gauriनवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, शुक्रवार, वट सावित्री व्रत, दुर्गा पूजा, गणगौर तथा करवा चौथ के दिन गाई जाने वाली दुर्गा माँ की प्रसिद्ध आरती। भक्ति भारत आप तक लिरिक्स पहुँचा रहा है। अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण जय अम्बे गौरी माता की आरती पढ़ें।जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥
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जय हो जय जय है गौरी नंदन -

Jai Ho Jai Jai He Gauri Nandanजय हो जय जय है गौरी नंदन देवा गणेशा गजानन चरणों को तेरे हम पखारते हो देवा आरती तेरी हम उतारते
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सन्तोषी माता

Santoshi Mata Aarti
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आरती देवी कात्यायनी

Aarti Devi Katyayani
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कूष्मांडा

Kushmanda Aarti
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अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली

Maa Durga Maa Kali Aartiमाँ दुर्गे का साप्ताहिक दिन शुक्रवार, दोनों नवरात्रि, अष्टमी, माता की चौकी एवं जगराते में सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती। भक्ति भारत आपको अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण अंबे तू है जगदंबे काली आरती के लरिक्स प्रस्तुत कर रहा है। अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गाये भारती, ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
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आरती: माँ महाकाली

Maa Maha Kali
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देवी महागौरी

Devi Mahagauri Aarti
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माँ चन्द्रघण्टा

Mata Chandraghanta Aarti
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माँ कालरात्रि की आरती - कालरात्रि जय महाकाली

Mata Kalratri Ki Aartiनवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है, माँ कालरात्रि की यह अत्यंत महत्वपूर्ण आरती के लिरिक्स कुछ इस प्रकार से हैं।कालरात्रि जय-जय-महाकाली । काल के मुह से बचाने वाली ॥
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श्री चिंतपूर्णी देवी की

Mata Shri Chintpurni Devi
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ओम जय कैला रानी - कैला माता

Om Jai Kaila Rani, Kaila Mata Aartiॐ जय कैला रानी, मैया जय कैला रानी । ज्योति अखंड दिये माँ तुम सब जगजानी ॥
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आरती देवी शैलपुत्री जी की -

Aarti Devi Shailaputri Ji Ki
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श्री शांतादुर्गेची

Shri Shanta Durgechi Aartiजय देवी जय देवी जय शांते जननी । दुर्गे बहुदु:खदमने रतलो तव भजनी ॥
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शीतला माता की

Sheetla Mata Ki Aartiजय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता ॥ ॐ जय शीतला माता..॥
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श्रीदेवीजी की

Shri Deviji Ki Aarti
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श्रीदेवीजी की आरती - जगजननी जय! जय

Shri Deviji Ki Aarti - Jaijanani Jai Jai
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माता पार्वती -

Mata Parvati
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आरती: श्री राणी सती दादी जी

Shri Rani Sati Dadi Ji
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स्कन्दमाता

Skandamata Aarti
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विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी

Sun Meri Devi Parvat Vasaniभक्त इन पंक्तियां को स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती के रूप मे प्रयोग करते हैं:सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥
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वैष्णो माता

Vaishno Mata Aarti
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श्री गौरीनंदन की

Gouri Nandan Ki Aarti
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कार्तिकेय

Kartikeya Aarti
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श्री गणेश

Shri Ganesh Aartiगणेश उत्सव मे सर्वमान्य श्री गणेश आरती का अपना अलग ही महत्व है:जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
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आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो

Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo
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श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव

Shri Siddhivinayak Aarti: Jai Dev Jai Devश्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का सबसे प्रसिद्ध भगवान श्री गणेश मंदिर है, यहाँ होने वाली पूर्ण आरती मे श्री गणेश की विभिन्न स्तुतियाँ, भगवान शिव एवं देवी दुर्गा की स्तुतियाँ भी जुड़ी हैं। भक्ति भारत आप तक सम्पूर्ण आरती पहुंचा रहा है।
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त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की

Hanuman Ji Ki Aarti Trimurtidham
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प्रेतराज -

Pretraj
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श्री सालासर बालाजी की

Shri Salasar Balaji Aarti
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श्री बालाजी

Shri Balaji Ki Aartiश्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाली आरती है
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हनुमान

Hanuman Aartiश्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाली श्री हनुमान आरती है।
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खाटू श्याम

Khatu Shyam Aarti
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आरती युगलकिशोर की कीजै

Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai
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आरती बाल कृष्ण की कीजै

Aarti Bal Krishna Ki Keejen
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देवी राधिका

Devi Radhika Aarti
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आरती कुंजबिहारी की

Aarti Kunj Bihari Ki
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आरती श्री वृषभानुसुता - राधा

Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki
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श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं -

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun
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आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन - भोग

Aao Bhog Lagao Mere Mohan: Bhog Aarti
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लक्ष्मीजी

Laxmi Mata Aartiभगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन मुख्यतया अधिक करते हैं, जिसके अंतरगत भक्त माँ लक्ष्मी की आरती करने है।महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
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भगवद्‍ गीता

Aarti Shri Bhagwat Geeta
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आरती: भगवान श्री शीतलनाथ जी

Arti Bhagwan Shri Sheetalnath Ji
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बाबा गंगाराम

Baba Gangaram Aarti
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बाबा गोरखनाथ

Baba Goraknath Aarti
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बाबोसा

Babosa Aarti
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भारत माता की

Bharat Mata Ki Aartiआरती भारत माता की, जगत के भाग्य विधाता की । आरती भारत माता की, ज़गत के भाग्य विधाता की ।
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चन्द्र देव

Chandra Dev Aarti
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दत्ताची

Datta Aarti
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धर्मराज आरती - धर्मराज कर सिद्ध काज

Dharmraj Ki Aarti - Dharmraj Kar Siddh Kaaj
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धर्मराज आरती - ॐ जय धर्म धुरन्धर

Dharmraj Ki Aarti - Om Jai Dharm Dhurandar
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एकादशी माता की

Ekadashi Mata Ki Aarti
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माता गायत्री

Mata Gayatri Aarti
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गीत गोविंद जगन्नाथ

Gita Govind Jagannath Aarati
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गुरुदेव आरती - श्री नंगली निवासी सतगुरु

Guru Aarti - Shri Nangli Niwasi Satguru
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गुरु नानक

Guru Nanak Aarti
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जगन्नाथ मंगल

Jagannath Mangal Aarti
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आरती: जय जय तुलसी माता

Jai Jai Tulsi Mata
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श्री ललिता माता की

Shri Lalita Mata Ki Aarti
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अन्नपूर्णा

Annapurna Aarti
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बाबा बालक नाथ

Shri Baba Balaknath Aarti
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आरती: ॐ जय महावीर प्रभु

Om Jai Mahaveer Prabhu
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आरती: ॐ जय महावीर प्रभु

Om Jai Mahavir Prabhu
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ॐ जय जगन्नाथ हरे

Omm Jai Jagannath Hare
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पंच परमेष्ठी

Panch Parmeshthi Aarti
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श्री परशुराम

Shri Parshuram Aarti
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हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे

Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare
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संकटा माता

Sankata Mata Aarti
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श्री शाकुम्भरी देवी जी की

Shakumbhari Devi Ki Aarti
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श्री भगवत भगवान की है आरती!

Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti
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भैरव

Bhairav Aart
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श्री चित्रगुप्त

Shri Chitragupt Aartiभगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती
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श्री चित्रगुप्त जी की आरती - श्री विरंचि कुलभूषण

Shri Chitragupt Aarti - Shri Viranchi Kulbhusan
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श्री चित्रगुप्त स्तुति

Shri Chitragupt Stuti
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श्री गंगा

Shri Ganga Aarti॥ श्री गंगा मैया आरती ॥ नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्, सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् । भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं, भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥हर हर गंगे, जय माँ गंगे, हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥
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गौमता

Shri Gaumata Aartiश्री गौमता जी की आरती आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥
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श्री जगन्नाथ आरती - चतुर्भुज जगन्नाथ

Shri Jagganath Aarti - Chaturbhuja Jagannatha
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श्री जगन्नाथ संध्या

Shri Jagganath Sandhya Aarti
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श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा

Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva
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श्री कुबेर

Shri Kuber Aartiभारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली का शुभ आरंभ धनतेरस से होता है, धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर एवं श्री गणेश की पूजा-आरती प्रमुखता से की जाती है।ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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श्री कुबेर जी आरती - जय कुबेर स्वामी

Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swamiजय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । हे समरथ परिपूरन । हे अन्तर्यामी ॥ ॐ जय कुबेर स्वामी प्रभु जय कुबेर स्वामी..जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । -x2 हे अन्तर्यामी । ॐ जय कुबेर स्वामी प्रभु जय कुबेर स्वामी..
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आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा

Shri Mahaveer Bhagwan 3 Jai Sanmati Deva
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नर्मदा

Narmada Aarti
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आरती: श्री रामायण जी

Shri Ramayan Ji
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विश्वकर्मा

Vishwakarma Aartiजय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ॥जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा ।
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स्वामीनारायण

Swaminarayan Artiश्री स्वामीनारायण आरती प्रतिदिन सभी BAPS मंदिरों में तथा भक्ति भाव से भरे अनगिनत घरों में और विशेष अवसरों पर गाई जाती है। यह आरती उपासकों के ह्रदय को अक्षरपुरूषोत्तम प्रभु के दिव्य रूपों की महिमा की याद दिलाती है। श्री स्वामीनारायण आरती के बोल हिंदी में इस प्रकार से हैं..
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तुकाराम

Tukaram Aarti
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तुलसी आरती - महारानी नमो-नमो

Tulsi Aarti - Maharani Namo Namo
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आरती राम लला की

Aarti Ram Lala Ki
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जानकी माता

Janaki Mata Aarti
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श्री जानकीनाथ जी की

Shri Jankinatha Ji Ki Aarti
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रघुवर श्री रामचन्द्र जी

Raghuvar Shri Ramchandra Ji
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श्री राम स्तुति

Shri Ram Stutiश्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से वाचन किया जाने वाली वंदना।॥दोहा॥
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आरती: श्री रामचन्द्र जी

Shri Ramchandra Ji 2
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श्री सीता

Sita Mata Aarti
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माँ सरस्वती वंदना - या कुन्देन्दुतुषारहारधवला

Maa Saraswati Vandana
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माँ सरस्वती जी -

Maa Saraswati Ji
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आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली

Saraswati Om Jai Veene Wali
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ॐ जय जय शनि महाराज: श्री शनिदेव

Aarti Om Jai Jai Shri Shani Maharaj
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जय शनि देवा - श्री शनिदेव

Aarti Shri Shani Jai Jai Shani Dev
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श्री शनि देव: आरती कीजै नरसिंह कुंवर की

Shri Shani Dev Aarti Keejai Narasinh Kunwar Ki
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आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव

Shri Shani Dev Ji
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हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर

Har Mahadev Aarti: Satya Sanatan Sundar
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शिव आरती - ॐ जय गंगाधर

Shiv Aarti - Om Jai Gangadhar
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श्री नाथ जी की मंगल आरती - गोरखनाथ मठ

Shri Nathji Mangal Aarti - Gorakhnath Math
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श्री नाथ जी की संध्या आरती - गोरखनाथ मठ

Shri Nathji Sandhya Aarti - Gorakhnath Math
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शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

Shiv Aarti - Om Jai Shiv Omkaraभगवान शिव जिन्हें शंकर, भोलेनाथ, महादेव के संबोधन से भी पुकारा जाता है। इनकी स्तुति मुख्यता साप्ताहिक दिन सोमवार, मासिक त्रियोदशी तथा प्रमुख दो शिवरात्रियों को की जाती है, शिवजी की आरती इन्हीं दिन और पर्व को विशेष रूप में की जाती है।ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥
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श्री सूर्य देव - जय जय रविदेव

Shri Surya Dev - Jai Jai Ravidev
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श्री सूर्य देव - ऊँ जय कश्यप नन्दन

Shri Surya Dev Jai Kashyapa Nandana
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श्री सूर्य देव - ऊँ जय सूर्य भगवान

Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan
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नृसिंह आरती ISKCON

Narasimha Aarti ISKCON
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नृसिंह भगवान

Narasimha Bhagwan Aarti
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भगवान नटवर

Bhagwan Natwar Aarti
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ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hareदुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन् १८७० में लिखी गई थी। यह आरती मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित है फिर भी इस आरती को किसी भी पूजा, उत्सव पर गाया / सुनाया जाता हैं। कुछ भक्तों का मानना है कि इस आरती का मनन करने से सभी देवी-देवताओं की आरती का पुण्य मिल जाता है।
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श्री बद्रीनाथजी की

Shri Badrinath Aarti
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श्री सत्यनारायण जी

Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti